Thursday, August 19, 2010

अल्प और अल्पना - एक कहानी जिसका अंत कुछ और हो सकता था

पाठ - १

अल्प एक इंसान । अल्प एक महान व्यक्ति । इन सारे आभूषणों से आभूषित अल्प ने जब दुनिया की कर्मशाला में कदम रखा तो उसे एहसास हुआ कि विद्यार्थी जीवन आम इंसान कि जिंदगी से एक दम अलग होता है। मार्केटिंग मैनेजमेंट की डिग्री पाने के बाद तो वह अपने आप को दुनिया का शहंशाह समझने लगा था पर जब नौकरी पाने के लिए गाढ़ी मशक्कत करनी पड़ी तब उसे एहसास हुआ कि दुनिया में सब कुछ बहुत आसान नहीं है। फिर भी वह खुशकिस्मत था, इसलिए उसे कॉलेज से निकलने के करीब छः महीने बाद ही नौकरी मिल गयी। उसके माता पिता बहुत खुश हुए। उनकी जीवन भर कि मेहनत सफल हुई थी। उन्होंने पुरे मोहल्ले को मिठाई खिलाया। वैसे तो अल्प को यह सब बिलकुल भी पसंद नहीं, पर वह सामान्यतया माता पिता के किसी निर्णय पर कभी कोई आक्षेप नहीं करता। वह पुरे मोहल्ले में एक आज्ञाकारी बेटे के रूप में विख्यात था।

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